आज बाहर पानी ही पानी है
टिप टिप पानी की बूंदो में
बदलते मौसम की उम्मीद लिए
रोड के किनारे रह रहे सैकड़ो परिवार
किसी बंद दुकान या बस स्टैंड के नीचे बसे है
आज बाहर बरसात हे
कई रातों से खाँस रहा बूढ़ा
आज शांत है
बदलते चादर की आवाज़ तेज़ हे
आज बाहर जल भराव की स्थति है
कई जगह बाढ़ की परिस्थिति है
सर के ऊपर सामान लिए
नए ठिकानो को बढ़ते लोग
मुश्किलों से लड़ते हुए लोग
आज बाहर सावन है
झूलो में मस्त यौवनावन है
सभी अपने अपनो के साथ
हर और मस्ती का आलम है
आज बाहर उमस कम है
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